रजनीकान्त की जीवनी | Rajinikanth Biography in Hindi

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परिचय

‘शिवाजी  राव गायकवाड’ जिन्हें लोग उनके दूसरे नाम ‘रजनीकान्त’ से भी जानते हैं, एक भारतीय फिल्म अभिनेता और राजनीतिज्ञ हैं। रजनीकान्त ज्यादातर ‘कॉलीवुड’ (तामिल फिल्म) फिल्मों में ही काम किया करते हैं। रजनीकान्त ने अभिनय तब शुरू किया, जब वे ‘बैंगलोर महानगर परिवहन निगम’ में एक बस कंडक्टर के रूप में काम करते थे, उस समय वे केवल नाटकों में अभिनय किया करते थे। सन् 1973 में, अभिनय में डिप्लोमा पाने के लिए उन्होंने ‘मद्रास फिल्म संस्थान’ को जॉइन किया। रजनीकान्त ने अपना पहला अभिनय एक तमिल नाटक ’अपूर्व रागगंगल’ में किया।

सन् 2007 में आई फिल्म ‘शिवाजी’ से इन्हें कुल 26 करोड़ रूपये मिले, जो आज के समय में 50 से 60 करोड़ के आस-पास होते हैं। उस समय रजनीकान्त ‘जैकी चैन’ के बाद एशिया के दूसरे सबसे ज्यादा पैसे लेने वाले अभिनेता बन गये थे। रजनीकान्त ने भारत में ही नहीं, बल्कि अन्य देशों में भी फिल्में की हैं, जिनमें से एक है अमेरिका की 1988 में रिलीज हुई फिल्म ‘ब्लडस्टोन’। अब तक (2018) रजनीकान्त ने निम्नलिखित पुरस्कार अपने नाम किए हैं-

  • 6 बार तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार।
  • 4 बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार।
  • 2 बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए विशेष पुरस्कार।
  • 1 बार फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ तमिल अभिनेता पुरस्कार।

अभिनय के आलावा रजनीकान्त ने एक निर्माता और पटकथा लेखक के तौर पर भी काम किया है। रजनीकान्त के फ़िल्मी करियर के अलावा वे एक परोपकारी, आध्यात्मिकतावादी और द्रविड़ राजनीति में एक इन्फ्लुएंसर के रूप में कार्य करते हैं।

भारत सरकार ने रजनीकान्त को सन् 2000 में भारत के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ और सन् 2016 में भारत के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया था। सन् 2014 के 45वे भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में रजनीकान्त को ‘Centenary Award for Indian Film Personality of the Year’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

शुरूआती जीवन

रजनीकान्त का जन्म 12 दिसंबर 1950 को बंगलौर, मैसूर (अब कर्नाटक) में हुआ था। रजनीकान्त के पिता का नाम ‘रामोजी राव गायकवाड़’ था’ जो एक पुलिस हवलदार थे और रजनीकान्त की माता का नाम ‘रामबाई’ था, वे एक गृहिणी थी। रजनीकान्त का नाम ‘शिवाजी  राव गायकवाड’, छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर रखा गया था। रजनीकान्त अपने घर में बचपन से मराठी भाषा बोलते हुए बड़े हुए। रजनीकान्त अपने 3 भाई बहनों में से सबसे छोटे हैं, जिनमें से उनके 2 बड़े भाई ‘सत्यनारायण राव’ और ‘नागेश्वर राव’ हैं और उनकी बड़ी बहन का नाम ‘असथ बलुभाई’ है।

रजनीकान्त के पिता के 1956 में नौकरी से रिटायर होने के बाद रजनीकान्त का परिवार बैंगलोर आ गया और वहाँ उन्होंने एक घर बनाया। जब रजनीकान्त 9 साल के थे, तब उनकी माता का देहांत हो गया।

जब रजनीकान्त 6 साल के थे, तब उन्होंने अपना दाखिला ‘गविपुरम गवर्नमेंट कन्नड़ मॉडल प्राइमरी स्कूल’ में कराया और इसी स्कूल से उन्होंने अपनी शुरूआती शिक्षा प्राप्त की। एक बच्चे के रूप में वे पढ़ने में अच्छे थे और काफी शरारती भी थे। रजनीकान्त की क्रिकेट, फुटबॉल और बास्केटबॉल जैसे खेलों में काफी रूचि थी। इसी समय के आस-पास रजनीकान्त के भाई ने ‘रामकृष्ण मठ’ में दाखिला लिया। रामकृष्ण मठ एक हिंदू मठ है,  जिसकी शुरुआत ‘रामकृष्ण मिशन’ ने की थी।

निजी जीवन व परिवार

रजनीकान्त ने 26 फरवरी 1981 को तिरुपति, आन्ध्र प्रदेश में ‘लता’ से शादी की, जो महिलाओं के ‘एथिराज कॉलेज’ की एक छात्रा थी और उन्होंने अपने कालेज की मैगजीन के लिए रजनीकान्त का इंटरव्यू लिया था। रजनीकान्त और लता की दो बेटियां हैं, जिनका नाम ‘ऐश्वर्या रजनीकान्त’ और ‘सौंदर्या रजनीकांत’ है। लता ‘द आश्रम’ नाम का एक स्कूल चलती हैं।

18 नवंबर 2004 को ऐश्वर्या ने धनुष से शादी की थी और अब उन दोनों के 2 बेटे हैं। रजनीकान्त की छोटी बेटी ‘सौंदर्या’ तमिल फिल्म उद्योग में निर्देशक, निर्माता और ग्राफिक डिजाइनर के तौर पर काम करती है। 3 सितंबर 2010 को उन्होंने ‘अश्विन रामकुमार’ से शादी कर ली और अब उनका एक बेटा है।

रजनीकान्त की प्रमुख फिल्में-

साल –  फिल्मों के नाम

  • 1976 – मूंदरू मुदिचू
  • 1977 – गायत्री
  • 1978 – प्रिया
  • 1979 – जॉनी
  • 1980 – राम रॉबर्ट रहीम
  • 1983 – अंधा कानून
  • 1984 – जॉन जानी जनार्दन
  • 1984 – आखिरी संग्राम
  • 1984 – इंसाफ कौन करेगा
  • 1984 – ज़ुल्म की ज़ंजीर
  • 1984 – मेरी अदालत
  • 1984 – गंगवा
  • 1985 – महागुरु
  • 1985 – बेवफ़ाई
  • 1985 – आज का दादा
  • 1985 – वफ़ादार
  • 1986 – भगवान दादा
  • 1986 – दोस्ती दुश्मनी
  • 1986 – असली नकली
  • 1987 – उत्तर दक्षिण
  • 1988 – तमाचा
  • 1989 – भ्रष्टाचार
  • 1989 – चालबाज़
  • 1990 – किशन कन्हैया
  • 1991 – फरिश्ते
  • 1991 – खून का कर्ज़
  • 1991 – हम
  • 1991 – फूल बने अंगारे
  • 1991 – दलपति
  • 1992 – त्यागी
  • 1992 – चोर के घर चोरनी
  • 1993 – इंसानियत के देवता
  • 1995 – आतंक ही आतंक
  • 1997 – क्रांतिकारी
  • 2000 – आगाज़
  • 2000 – बुलन्दी
  • 2002 – बाबा
  • 2010 – रोबोट
  • 2018 – रोबोट 2.0