कुमार मंगलम बिड़ला की जीवनी | Kumar Mangalam Birla Biography in Hindi

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परिचय

भारतीय उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला प्रसिद्ध ‘आदित्य बिड़ला ग्रुप’ के अध्यक्ष हैं। भारत के सबसे बड़े व्यावसायिक घरानों में से आदित्य बिड़ला ग्रुप एक है। भारत में उनकी कंपनियां जैसे- ग्रासिम, हिंडाल्को, अल्ट्राटेक सीमेंट, आदित्य बिरला नुवो, आइडिया सेल्युलर, आदित्य बिरला रिटेल, आदित्य बिरला मिनिक्स आदि बिड़ला ग्रुप के अंतर्गत आने वाली कंपनियां हैं। वे बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस BITS (बिट्स पिलानी- घनश्याम दास बिड़ला द्वारा स्थापित) के सचिव हैं। कुमार मंगलम बिड़ला अपनी ग्रुप कंपनियों के अलावा भी विभिन्न नियामक और उद्योग संबंधी पदों पर रहे हैं।

शुरुआती जीवन

कुमार मंगलम बिड़ला का जन्म 14 जून 1967 में राजस्थान राज्य के एक मारवाड़ी व्यापारी बिड़ला परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम ‘आदित्य विक्रम बिरला’ तथा माता का नाम ‘राजश्री बिड़ला’ था। कुमार मंगलम बिड़ला, बिड़ला परिवार के चौथी पीढ़ी के सदस्य हैं। उनका बचपन कोलकाता और मुंबई में गुजरा। उन्होंने ‘बोम्बे विश्वविद्यालय’ से वाणिज्य में स्नातक किया है। इसके बाद उन्होंने ‘भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान’ (इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंट ऑफ इंडिया) से चार्टर्ड एकाउंटेंसी की परीक्षा पास की और चार्टर्ड एकाउंटेंट बन गए। उन्होंने लंदन बिजनेस स्कूल (जिसके वे एक मानद सदस्य भी हैं) से MBA की डिग्री भी हासिल की। उनका विवाह ‘नीरजा कस्लीवाल’ से हुआ।  कुमार मंगलम बिड़ला और नीरजा कस्लीवाल के तीन बच्चें अनन्याश्री, आर्यमन विक्रम और अद्वैतेषा हैं।

करियर

आदित्य विक्रम बिड़ला की सन 1995 में अचानक मृत्यु हो जाने के बाद कुमार मंगलम बिड़ला ‘बिड़ला समूह’ के अध्यक्ष बनाये गए। उस समय उनकी आयु 28 वर्ष थी और लोगों ने इतने बड़े बिड़ला साम्राज्य को चलाने में उनकी योग्यता पर सवाल उठाये, पर उन्होंने अपने कौशल, लगन, मेहनत और सोच से न सिर्फ आदित्य बिड़ला समूह को आगे बढ़ाया, बल्कि नए क्षेत्रों में भी कंपनी का विस्तार किया। उन्होंने दूरसंचार, सॉफ्टवेयर और BPO (Business Process Outsourcing) जैसे क्षेत्रों में कंपनी का विस्तार किया और पहले से मौजूद धंधों (टेक्सटाइल, सीमेंट, एल्युमीनियम, उर्वरक आदि) को मजबूती प्रदान की।

भारत के अलावा आदित्य बिड़ला ग्रुप का व्यापार करीब 40 देशों में फैला है, जिनमें थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया, फ़िलीपीन्स, मिस्र, कनाडा, चीन और ऑस्ट्रेलिया आदि देश प्रमुख हैं। जब उन्होंने सन 1995 में आदित्य बिड़ला की कमान संभाली थी, तब ग्रुप का टर्नओवर 2 अरब अमेरिकी डॉलर था, जो उनके नेतृत्व में बढ़कर करीब 40 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। आदित्य बिड़ला समूह करीब 1 लाख 30 हजार लोगों को रोज़गार प्रदान करता है और इसकी कमाई का कुल हिस्से का करीब 60% विदेशों से आता है।

कुमार मंगलम बिड़ला आदित्य बिड़ला ग्रुप कंपनियों के अलावा समय-समय पर विभिन्न नियामक और व्यावसायिक पदों पर रहे हैं। वे सन 2006-07 में कंपनी मामलों के मंत्रालय द्वारा गठित सलाहकार समिति के अध्यक्ष थे। इसके अलावा वे उद्योग और वाणिज्य मंत्री द्वारा गठित व्यापार बोर्ड के अध्यक्ष और भारतीय रिज़र्व बैंक के केन्द्रीय बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स के सदस्य भी थे।

अवार्ड एवं सम्मान

  • उन्हें वित्त मंत्रालय द्वारा सन 1998 में प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के शासी बोर्ड (SEBI) पर एक सार्वजनिक पद के उम्मीदवार के रूप में नियुक्त किया गया।
  • कॉर्पोरेट गवर्नेन्स पर कुमार मंगलम बिरला की रिपोर्ट भारत में निगमित प्रशासन प्रथाओं की आधारशिला बन गई।
  • सन 1998 में उन्हें रोटरी क्लब के “अवार्ड फॉर वोकेशनल एक्सीलेंस” से भी सम्मानित किया गया।
  • सन 2000 में बॉम्बे मैनेजमेंट एसोसिएशन ने कुमार मंगलम बिरला को “द मैनेजमेंट मैन ऑफ द इयर 1999-2000” के रूप में सम्मानित किया।
  • उन्हें सन 2001 में व्यवसायिक उत्कृष्टता और उद्योग में उनके योगदान के लिए “द जायंट्स इंटरनेशनल पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
  • सन 2002 में CNBC/INSEAD द्वारा प्रायोजित “एशियाई बिजनेस लीडर पुरस्कार 2002” के लिए पहले 5 एशियाई व्यापार नेताओं में स्थान दिया गया।
  • सन 2003 में भारत-अमेरिकी सोसायटी के “यंग अचिवर पुरस्कार” से सम्मानित किये गए।
  • सन 2003 में उन्हें इकोनॉमिक टाइम्स अवार्ड्स द्वारा “द बिजनेस लीडर ऑफ द इयर” का पुरस्कार दिया गया।
  • उन्हें सन 2003 में जनेस इंडिया ने “बिज़नेस मैन ऑफ़ द इअर” चुना।
  • द नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रीअल इंजीनियरिंग (NITIE) – “द लक्ष्य- बिजनेस विज़नरी पुरस्कार” भी उन्हें सन 2003 में दिया गया।
  • सन 2004 में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (Davos) द्वारा उन्हें ‘यंग ग्लोबल लीडर्स’ में से एक के रूप में चुना गया।
  • भारतीय उद्योग जगत में उनके अनुकरणीय योगदान के सम्मान में, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय ने कुमार मंगलम बिड़ला को सन 2004 में डी. लिट (होनोरिस कौजा) डिग्री से सम्मानित किया।
  • उन्हें सन 2004 में ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन ने अपनी “मानद फैलोशिप” प्रदान की।
  • सन 2005 में उन्हें वर्ष के “अर्न्स्ट एण्ड यंग” उद्यमी के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • सन 2005 में उन्हें बिजनेस टूडे द्वारा “CEO श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ युवा प्रदर्शन” के लिए नामांकित किया गया।
  • उन्हें सन 2005 में PHD चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने ‘उद्योग रत्न’ से सम्मानित किया।