Sena Medalयह मेडल भारतीय सेना के उन सैनिकों को दिया जाता है, जो अपने काम के दौरान असाधारण वीरता का प्रदर्शन करते हैं। यह मेडल मरने के बाद भी दिया जा सकता है। इस पुरस्कार को लोग SN के नाम से भी जानते हैं।

यह मेडल बहादुरी के लिए दिया जाता है, मगर यह मेडल दुश्मन के खिलाफ लड़ाई के आलावा भी किसी बहादुरी के लिए, किसी भी सिपाही को दिया जा सकता है। 1 फरवरी 1999 के बाद भारत सरकार ने यह घोषित किया कि इस पुरस्कार के प्राप्तकर्ताओं को प्रतिमाह 250 रूपये दिए जाएंगे, यदि उन्हें यह पुरस्कार उनकी बहादुरी के लिए मिला है। बाद में इसे बदलकर 1000 रूपये किया गया।

स्थापना

यह पुरस्कार 17 जून 1960 को भारत के राष्ट्रपति द्वारा स्वीकृत (स्थापित) किया गया था।

दिखावट

यह पदक गोल आकार का होता है तथा यह सिल्वर धातु का बना होता है। इस पदक पर आगे की तरफ एक संगीन (लोहे का एक नुकीला हथ) बना हुआ होता है। इस पुरस्कार के पीछे की तरफ एक सिपाही बना होता है और पदक के उपरी किनारे पर ‘सेना मेडल’ लिखा होता है। सेना मेडल पर 1 लाल रंग का फीता भी होता है, जिसके बीचों-बीच में एक सफेद रंग की पट्टी होती है।