परिचय

सुषमा स्वराज एक भारतीय महिला राजनीतिज्ञ और भारत सरकार की वर्तमान केन्द्रीय कैबिनेट में शामिल विदेश मंत्री हैं। सुषमा स्वराज ‘भारतीय जनता पार्टी’ (BJP) की शीर्ष महिला नेत्रियों में गिनी जाती हैं। सुषमा स्वराज 11वीं, 12वीं और 15वीं लोक सभा की सदस्य चुनी गयी थीं। उन्हें सन 2009 में लोकसभा चुनावों के लिये भाजपा की 19 सदस्यीय ‘चुनाव प्रचार समिति’ का अध्यक्ष भी बनाया गया था। सुषमा स्वराज केन्द्रीय मंत्री और देश की राजधानी दिल्ली की प्रथम महिला मुख्यमंत्री रही हैं। 26 मई 2014 से भारत की विदेश मंत्री हैं।

जन्म एवं शिक्षा

सुषमा स्वराज का जन्म 14 फ़रवरी 1952 को हरियाणा राज्य के अंबाला छावनी में हुआ था। उनके पिता का नाम ‘हरदेव शर्मा’ तथा उनकी माता का नाम ‘लक्ष्मी देवी’ था। उनके पिता एक प्रमुख राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के सदस्य थे। सुषमा स्वराज ने अपनी शिक्षा के अंतर्गत कला स्नातक और विधि स्नातक की डिग्रियाँ प्राप्त कीं। वे सुप्रीम कोर्ट में वकालत भी करती हैं।

विवाह

सुषमा स्वराज का विवाह 13 जुलाई 1975 को ‘स्वराज कौशल’ के साथ हुआ, जो 6 वर्ष तक राज्य सभा में सांसद रहे और इसके आलावा मिजोरम राज्य के राज्यपाल भी रहे। स्वराज कौशल अभी तक के सबसे कम आयु में राज्यपाल का पद प्राप्त करने वाले व्यक्ति हैं। सुषमा स्वराज और उनके पति की उपलब्धियों का यह स्वर्णिम रिकॉर्ड ‘लिम्का बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में दर्ज हो चुका है। दंपत्ति के एक बेटी भी है जिसका नाम ‘बांसुरी स्वराज’ है।

राजनीतिक करियर

सुषमा स्वराज 70 के दशक में छात्र राजनीति से अपना राजनीतिक करियर शुरू करने वाली हरियाणा विधानसभा की विधायक रहीं और जनता पार्टी की विधायक के रूप में उन्हें चौधरी ‘देवीलाल’ की सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। वे लगातार 3 साल तक हरियाणा विधानसभा की सर्वश्रेष्ठ वक्ता भी रहीं। सन  1990 में वे राज्य सभा और सन 1996 में 11वीं लोक सभा के लिए दक्षिण दिल्ली से चुनी गईं। सन 1996 में ‘अटल बिहारी वाजपेयी’ की 13 दिनों तक चली सरकार में उन्हें ‘सूचना और प्रसारण मंत्री’ बनाया गया था। 12वीं लोक सभा में भी वे चुनकर आईं और फिर ‘सूचना प्रसारण मंत्री’ बनीं। बाद में वे कुछ समय के लिए दिल्ली की पहली महिला मुख्‍यमंत्री भी रहीं। भाजपा के विधानसभा चुनाव हारने के बाद वे फिर से केन्द्रीय राजनीति में लौटीं।

सन 1999 के लोक सभा चुनावों में उन्होंने कर्नाटक के बेल्लारी संसदीय चुनाव क्षेत्र से कांग्रेस प्रमुख ‘सोनिया गाँधी’ के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ा था। हालाँकि वे चुनाव हार गईं, लेकिन उन्होंने सोनिया गाँधी को कड़ी टक्कर दी। सन 2000 में वे उत्तराखंड से राज्य सभा के लिए चुनी गईं। सन 2003 में उन्हें स्वास्थ, परिवार कल्याण और संसदीय मामलों में मंत्री बनाया गया, और 2004 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की हार तक केन्द्रीय मंत्री रही।

पद

  • सन 1977 से 1982 तक हरियाणा विधान सभा की सदस्य रहीं।
  • सन 1977 से 1979 तक हरियाणा सरकार में श्रम और रोजगार मन्त्री रहीं।
  • सन 1987 से 1990 तक हरियाणा विधान सभा की सदस्य रहीं।
  • सन 1987 से 1990 तक मन्त्रिमण्डल सदस्य, शिक्षा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, हरियाणा सरकार।
  • सन 1990 से 1996 तक राज्य सभा में पहली बार चुनी गयीं।
  • 15 मई 1996 से 4 दिसम्बर 1997 तक 11वीं लोक सभा में दूसरी बार सदस्य रहीं।
  • 16 मई से 1 जून 1996 तक केन्द्रीय मन्त्रिमण्डल, सूचना एवं प्रसारण मन्त्री रहीं।
  • 10 मार्च 1998 से 26 अप्रैल 1999 तक 12वीं लोक सभा की तीसरी बार सदस्य रहीं।
  • 19 मार्च से 12 अक्तूबर 1998 तक केन्द्रीय मन्त्रिमण्डल, सूचना एवं प्रसारण तथा दूरसंचार मंत्री अतिरिक्त प्रभार संभाला।
  • 13 अक्तूबर से 3 दिसम्बर 1998 तक दिल्ली के मुख्य मंत्री रहीं।
  • नवम्बर 1998 में दिल्ली विधान सभा के हौज खास निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित। दिल्ली विधान सभा सीट से इस्तीफा दे दिया और लोक सभा सीट जारी रखी।
  • सन 2000 से 2006 तक राज्य सभा की चौथी बार सदस्य रहीं।
  • 30 सितम्बर 2000 से 29 जनवरी 2003 तक सूचना एवं प्रसारण मन्त्री रहीं।
  • 29 जनवरी 2003 से 22 मई 2004 तक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्री एवं संसदीय विषयों की मन्त्री रहीं।
  • अप्रैल 2006 में पांचवी बार राज्य सभा की सदस्य चुनी गई।
  • 16 मई 2009 से 18 मई 2014 तक 15वीं लोक सभा की छठवीं बार सदस्य रहीं।
  • 3 जून 2009 से 21 दिसम्बर 2009 तक लोकसभा में विपक्ष के उप नेता रहीं।
  • 21 दिसम्बर 2009 से 18 मई 2014 तक विपक्ष के नेता एवं लाल कृष्ण आडवाणी का स्थान लिया।
  • 26 मई 2014 से अब तक विदेश मंत्री के पद पर आसीन हैं।