साबरमती नदी पश्चिम भारत की प्रमुख नदी है, इस नदी का उद्गम राजस्थान राज्य के उदयपुर जिले में अरावली पर्वत से होता है। यह नदी राजस्थान और गुजरात राज्य में दक्षिण-पश्चिम दिशा की तरफ बहते हुए 371 किलोमीटर का रास्ता तय करने के बाद यह अरब सागर की खंभात की खाड़ी में गिर जाती है। राजस्थान में साबरमती नदी की कुल लम्बाई 48 किलोमीटर और गुजरात में 323 किलोमीटर है। गुजरात की प्रमुख नदी साबरमती है। इस नदी के किनारे पर गुजरात राज्य के अहमदाबाद और गांधीनगर जैसे प्रमुख शहर बसे हुए हैं और धरोई बाँध योजना द्वारा साबरमती नदी के जल का उपयोग किसानों के द्वारा फसलों में सिंचाई के लिए और बिजली उत्पन्न करने के लिए किया जाता है।

बहाव और पौराणिक कथा

साबरमती नदी का उद्गम राजस्थान राज्य के उदयपुर जिले में अरावली श्रृंखला के दक्षिण भाग में स्थित धेबार झील से होता है। यह राजस्थान के उदयपुर और गुजरात के साबरकांठा, गांधीनगर, अहमदाबाद और आनंद जिलों से होकर दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर बहती हुए 371 किलोमीटर का रास्ता तय करने के बाद यह अरब सागर की खंभात की खाड़ी में गिर जाती है। पश्चमी दिशा की तरफ बहने वाली साबरमती नदी भारत की प्रमुख नदियों में एक है। इसकी कुल लम्बाई 371 किलोमीटर है, जिसमे से 48 किलोमीटर राजस्थान में और गुजरात 323 किलोमीटर में है।

पुरानी कथा के अनुसार भगवान शिव एक बार देवी गंगा को गुजरात लेकर आये थे और इससे ही साबरमती नदी का जन्म हुआ। साबरमती नदी का पुराना नाम भोगवा है। गुजरात की वाणिज्यिक और राजनीतिक राजधानियाँ अहमदाबाद और गांधीनगर साबरमती नदी के तट पर ही बसाए गए थे।

एक कथा यह भी है कि गुजरात सल्तनत के सुल्तान अहमद शाह ने एक बार साबरमती नदी के किनारे पर आराम करते हुए एक खरगोश को एक कुत्ते का पीछा करते हुए देखा। उस खरगोश के साहस से प्रेरित होकर ही 1411 में उन्होंने इस स्थल पर अहमदाबाद की स्थापना की थी। भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महात्मा गांधी ने इसी नदी के किनारे पर साबरमती आश्रम की स्थापना कर उसे अपने घर के रूप में प्रयोग किया था।

अपवाह तंत्र

साबरमती नदी बेसिन की अधिकतम लंबाई 300 किलोमीटर और अधिकतम चौड़ाई 105 किलोमीटर है। बेसिन का कुल पकड़ क्षेत्र 21,674 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें से 4124 वर्ग किलोमीटर राजस्थान राज्य में स्थित है और शेष 18,550 वर्ग किलोमीटर गुजरात में है। साबरमती नदी बेसिन में औसत वार्षिक जल उपलब्धता 308 एम 3 प्रति कैपिटा है, जो राष्ट्रीय औसत 1,545 एम 3 प्रति कैपिटा से काफी कम है।

साबरमती नदी बेसिन राजस्थान के मध्य-दक्षिणी भाग में स्थित है। इसके पूर्व में बनास और माही बेसिन, उत्तर में लूनी बेसिन और इसके पश्चिम में पश्चिमी बनास बेसिन हैं। इसकी दक्षिणी सीमा गुजरात राज्य के साथ लगती है। साबरमती नदी बेसिन उदयपुर, सिरोही, पाली और डुंगरपुर जिलों के हिस्सों तक फैला हुआ है। ऑर्थोग्राफिक रूप से, बेसिन का पश्चिमी हिस्सा अरावली रेंज से संबंधित पहाड़ी इलाके द्वारा चिह्नित किया जाता है। पहाड़ियों के पूर्व में एक संकीर्ण जलीय मैदान है, जो एक सभ्य पूर्व की ढलान के साथ है।

सहायक नदियाँ

साबरमती नदी की मुख्य सहायक नदियों के नाम कुछ इस प्रकार से हैं।

  • सेई नदी मझम नदी
  • शेही नदी हथमती नदी
  • खारी नदी वाकल नदी
  • हरनाव नदी मेसवा नदी
  • मोहर नदी वतक नदी
  • गुईई नदी