शहंशाह अकबर एक दिन दरबार में अपना बच्चा गोद में बैठाकर बैठे हुये थे। राजा बीरबल और अन्य मंत्रियों के साथ….!

 शहंशाह अकबर बोले – अल्लाह का रहम है, जो हमें दुनिया का सबसे खूबसूरत बेटा नसीब हुआ।

दरबार में अन्य मंत्री उस बच्चे को देखकर बोले – अरे… व… क्या खूबसूरत शहजादे हैं ? बाप… रे… व… बेहद खूबसूरत शहजादा है।

शहंशाह अकबर का एक मंत्री बोला – जहाँपनाह……! शहजादा बेहद खूबसूरत है।

शहंशाह अकबर का दूसरा मंत्री बोला – जी हाँ…! जहाँपनाह….! सच-मुच हमारा शहजादा दुनिया का सबसे खूबसूरत बच्चा है।

शहंशाह अकबर बोले दूसरे मंत्री से – शुक्रिया….! बहुत-बहुत शुक्रिया….! आप सही कह रहे हैं। हमने भी इससे खूबसूरत बच्चा नहीं देखा।

शहंशाह अकबर का मंत्री पहला बोला – बेशक जहाँपनाह……! मैंने अपनी जिन्दगी में इससे ज्यादा खूबसूरत बच्चा नहीं देखा। मुझे यकीन है, जब शहजादे जवान होंगे, तो लाखों दिलों पर राज करेंगे।

शहंशाह अकबर बोले पहले मंत्री से – हमें भी यकीन है। अल्लाह का रहम है, जो हमें दुनिया का सबसे खूबसूरत बेटा नसीब हुआ।

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से – बीरबल….! क्या बात है ? तुमने कुछ नहीं कहा…!

बीरबल बोले अकबर से – कुछ नहीं जहाँपनाह……! गुस्ताखी माफ़ हो, पर मैं कुछ और ही सोच रहा था।

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से – कुछ और…! क्या तुम हमारे शहजादे के खूबसूरती के कायल नहीं हो ? या तुम्हें लगता है कि वो खूबसूरत नहीं।

बीरबल बोले अकबर से – माफ़ी चाहता हूँ। जहाँपनाह……! शहजादे बेशक खूबसूरत हैं।

शहंशाह अकबर के मंत्री सुखदेव सिंह बोले – मतलब…! बीरबल को ऐसा नहीं लगता। ये दुनिया का सबसे खूबसूरत बच्चा है।

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से – हाँ…! बीरबल हमें बताइए कि आप हमारे बेटे की खूबसूरती के बारे में….! क्या सोचते हैं ?

बीरबल बोले अकबर से – आ…ह जहाँपनाह……!

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से – कहो बीरबल……! आपके दिल में क्या है ?

बीरबल बोले अकबर से – जहाँपनाह……! हमारे शहजादे बेशक खूबसूरत हैं। पर….!

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से – पर… पर…! क्या ? आगे कहो….!

बीरबल बोले अकबर से – जहाँपनाह……! मैं नहीं समझता कि शहजादे दुनिया के सबसे खूबसूरत बच्चे हैं।

शहंशाह अकबर का एक मंत्री बोला – हां…! ये तो हद हो गई। जहाँपनाह……! मुझे लगता है बीरबल आपने आप को सबसे अलग साबित करना चाहते हैं।

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से – बीरबल……! तुम्हें इसकी वजह बतानी होगी। कि तुम क्यों सोचते हो ? कि हमारे शहजादे खूबसूरत नहीं हैं, जबकि सभी उनकी शहजादी के कायल हैं।

बीरबल बोले अकबर से – जहाँपनाह……! आप गलत समझ रहे हैं। मैंने ऐसा तो नहीं कहा, शहजादा खूबसूरत नहीं है। वो वेशक हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि दुनिया में सबसे खूबसूरत हैं।

शहंशाह अकबर का पहला मंत्री बोला – ये ऐसा कैसे कह सकते हैं ? जहाँपनाह……! हम सब ने बीरबल से कई ज्यादा बच्चे देखे हैं।

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से – हाँ… बीरबल……! तुम ये कैसे कह सकते हो ? शहजादे सबसे खूबसूरत नहीं हैं। क्या तुम ये साबित कर सकते हो ?

बीरबल बोले अकबर से – यदि आप कहे। जहाँपनाह……! तो मैं इसे जरुर साबित कर सकता हूँ।

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से – तुम्हारा मतलब है कि हमारे शहजादे से भी खूबसूरत बच्चा ढूंढ़ सकते हो।

बीरबल बोले अकबर से – जी हाँ….!  जहाँपनाह……! जरुर

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से – अच्छी तरह सोच लो बीरबल…..! अगर तुम साबित नहीं कर पाए तो, हम अपने शहजादे की बेइज्जती बर्दाश्त नहीं करेंगे। तुम्हें शहजादे से ज्यादा खूबसूरत बच्चा ढूंढ़कर हमारे सामने पेश करना होगा और तब तक हमें अपनी सूरत मत दिखाना। आज तुमने हमें बहुत नाखुश किया है।

बीरबल बोले अकबर से – मैं आपको परेशान करने के लिए माफ़ी चाहता हूँ। जहाँपनाह……! पर आपने मुझसे अपनी राय जाननी चाही, वो हमने बताई। मैं आपके हुकुम की तामील करूँगा। और मैं तभी वापस आऊंगा, जब मैं शहजादे से ज्यादा खूबसूरत बच्चा ढूंढ़ लूँगा।

और बीरबल शहंशाह अकबर के दरबार से अपनी बात साबित करने के लिए चले गए।

शहंशाह अकबर का एक मंत्री बोला – ये तो आपकी और शहजादे की बेइज्जती है। आपने अच्छा किया। जब तक वो अपनी बात साबित न करके दिखाये। आपके सामने न आये।

शहंशाह अकबर बोले अपने मंत्री से – हम हमेशा सोचते थे कि बीरबल एक समझदार इंसान है। पर इस बार हमें उन्होंने बहुत निराश किया है।

कुछ दिन बाद बीरबल शहंशाह अकबर के दरबार में पहुंचे।

बीरबल बोले अकबर से – आदाब जहाँपनाह……!

शहंशाह अकबर बोले बीरबल को देखकर – ओ… बीरबल….! क्या कहते हो ? क्या तुम ?… ये मानने को तैयार हो। शहजादे ही दुनिया के सबसे खूबसूरत बच्चे हैं।

बीरबल बोले अकबर से – जहाँपनाह……! मेरे वापस आने की वजह ये है कि मैंने शहजादे से ज्यादा खूबसूरत बच्चा ढूंढ़ लिया है।

शहंशाह अकबर की बेगम साहिबा बोली बीरबल से – बीरबल……..! आप ये कैसे कह सकते हैं ? हमारा बेटा ही दुनिया का सबसे खूबसूरत बच्चा है। हम ये मानने से इंकार करते हैं कि कोई और हमारे बेटे से खूबसूरत होगा।

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से – अब क्या कहते हो ? बीरबल…..! कोई भी तुम्हारी बात मानने को राजी नहीं।

बीरबल बोले अकबर से – माफ़ करें। जहाँपनाह……! पर मुझे पूरा भरोसा है, कि मैंने सबसे खूबसूरत बच्चा ढूंढ़ लिया है।

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से – अब तुम इतनी जिद कर रहे हो, तो इसे साबित करो। हमें वो बच्चा दिखाओ। कहाँ है वो ? तुम अपने साथ यहाँ क्यों नहीं लाये ?

बीरबल बोले अकबर से – मैं उसे अपने साथ यहाँ नहीं लाया। जहाँपनाह……! पर मैं आपको वहाँ ले जा सकता हूँ।

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से – ये तो हद हो गयी। बच्चे को यहाँ क्यों नहीं ला सकते ? हम क्यों जाये तुम्हारे साथ उसे देखने…?

बीरबल बोले अकबर से – गुस्ताखी माफ़। जहाँपनाह……! लेकिन बच्चे की अच्छी खूबसूरती को देखने के लिए आपको उसे उसके कुदरती माहौल में देखना होगा।

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से – हमें समझ में नहीं आ रहा है। मगर हम तुम्हारे साथ चलने को तैयार हैं, बल्कि हम सभी साथ चलेंगे। बताओ, हमें कब चलना है..?

बीरबल बोले अकबर से – जहाँपनाह……! हम सभी का साथ जाना मुमकिन नहीं होगा। पर आप और कोई एक मेरे साथ चल सकता है। और हमें वहाँ भेष बदलकर जाना होगा। तभी हम उस बच्चे को कुदरती माहौल में देख पाएंगे।

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से –  बीरबल…..! ये हमारे सब्र का इम्तिहान है। लेकिन, तुम्हें इतना भरोसा है। तो मैं और सुखदेव सिंह दोनों भेष बदलकर तुम्हारे साथ चलेंगे। हमें कब चलना होगा ?

बीरबल बोले अकबर से – शुक्रिया जहाँपनाह……! हमें कल सुबह ही निकालना होगा।

सुखदेव सिंह बोले बीरबल से – बीरबल….! इस बार तुम बहुत मुश्किल में पड़ गए हो। शहंशाह अबकी बार माफ़ नहीं करेंगे।

बीरबल बोले सुखदेव सिंह से – सुखदेव सिंह जी….! ये तो कल सुबह ही पता चलेगा।

और अगले दिन सुबह शहंशाह अकबर और राजा बीरबल मंत्री सुखदेव सिंह तीनों भेष बदलकर बच्चे को देखने गए। घोड़े पर सवार करते हुये। बीरबल बोले शहंशाह अकबर से….!

बीरबल बोले अकबर से – जहाँपनाह……! हमें यहाँ से पैदल ही जाना होगा।

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से –  ठीक है, चलो चलते हैं। हम उस बच्चे को देखने के लिए और इंतजार नहीं कर सकते।

शहंशाह अकबर और राजा बीरबल मंत्री सुखदेव सिंह तीनों भेष बदलकर उस बच्चे के पास पहुंचे गए। और बच्चा खेल रहा था।

बीरबल बोले अकबर से – जहाँपनाह……! वो रहा दुनिया का खूबसूरत बच्चा।

उस बच्चे को देखकर शहंशाह अकबर बोले बीरबल से…..!

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से – बीरबल…..! क्या तुम पागल हो गए हो ? या तुम अंधे हो ? तुम्हें इस बदसूरत बच्चे में कहाँ सुन्दरता दिख रही है।

खेलता–खेलता बच्चा शहंशाह अकबर और राजा बीरबल, मंत्री सुखदेव सिंह तीनों को देखकर रोने लगा। और बदसूरत कहते हुये, उस बच्चे की माँ ने सुन लिया, घर में से बच्चे की माँ आई निकलकर गुस्से में तो बोली……!

बच्चे की माँ बोली गुस्से में शहंशाह अकबर और राजा बीरबल मंत्री सुखदेव सिंह को देखकर – तुमने मेरे प्यारे बेटे को डराया। तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई ? इस बच्चे को बदसूरत कहने की। ये दुनिया का सबसे खूबसूरत बच्चा है। अगर तुमने आगे कुछ कहा तो, तुम्हारी हड्डी-पसली तोड़ दुंगी। जाओ यहाँ से…..! खबरदार जो मेरे लाल के नजदीक आये तो, तुम्हारी इतनी हिम्मत। क्या अंधे हो गए हो ? मेरे प्यारे लाल को बदसूरत कह रहे हो। और बोली दफा हो जाओ यहाँ से…….!

और बच्चे से बच्चे की माँ प्यार करने लगी। और बोली……! अरे…. मेरा प्यार लाल…..! मेरा प्यारा बेटा…..! मेरा प्यारा बच्चा….! और बच्चे की माँ बच्चे से प्यार करने लगी और बोली प्यारा सा बच्चा मेरा दुनिया से खूबसूरत बच्चा……! है।

बीरबल बोले अकबर से – जहाँपनाह……! मुझें यकीन है, कि अब आप समझ गए होंगे कि हर माँ बाप के लिए उनका बच्चा दुनिया में सबसे प्यारा है। और सबसे खूबसूरत भी होता है।

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से – हाँ….! हम समझ गए। बीरबल…..! हम समझ गए।

शहंशाह अकबर और राजा बीरबल मंत्री सुखदेव सिंह तीनों बच्चे को देखकर वापस लौट रहे थे, तो बीरबल बोले अकबर से……!

बीरबल बोले अकबर से – मेरा मकसद आपको मायूस करना नहीं था। जहाँपनाह……! पर मैं बिना वजह आपकी या शहजादे की झूठी तारीफ नहीं करना चाहता था, बल्कि आप भी शहजादे को चापलूसों और चापलूसी से बचना सिखायें। यही मैं चाहता था।

शहंशाह अकबर बोले बीरबल से – बीरबल……! हम तुम्हारे शुक्र गुजार हैं। एक बार फिर तुमने बड़ी हिम्मत दिखाई। हमारे सामने बेखौफ होकर सच्चाई बयान की और हमें बेवकूफों को बचाया। तुम एक सच्चे और एक वफादार दोस्त हो। शुक्रिया बीरबल…..! शुक्रिया…….!