वायु सेना मेडल (पदक) भारतीय वायु सेना का सम्मान है। वायु सेना मेडल को शांति के समय पर उल्लेखनीय सेवा के लिए दिया जाता है। कभी-कभी यह पुरस्कार युद्ध के समय पर भी दिया जाता है, मगर यह वीर चक्र के समान संख्या में नहीं दिया जाता है। यह पुरस्कार मरने के बाद भी दिया जाता है।

वायु सेना मेडल की स्थापना 17 जून 1960 को हुई थी। इस पदक की स्थापना भारत के राष्ट्रपति द्वारा की गई थी, मगर यह सम्मान 1 9 61 से दिया जाना शुरू हुआ।

बनावट

यह मेडल एक चतुर्भुज-सशस्त्र सितारे के आकार का होता है। यह मेडल ‘सिल्वर’ धातु का बना होता है। इस मेडल के चारों किनारे कमल के फूल की तरह बने हुए होते हैं। वायु सेना के मेडल के बीच में भारत का राष्ट्रीय प्रतीक बना हुआ होता है। इस मेडल के पीछे की तरफ एक उड़ता हुआ ‘हिमालय ईगल’ बना होता है और उसके पंखो से थोडा उपर हिंदी में ‘वायु सेना’ और उस ईगल के थोडा नीचे ‘मेडल’ लिखा होता है। इस पदक में ‘ग्रे’ और ‘नारंगी-भगवा’ रंग का फीता होता है।