परिचय

मायावती भारतीय राजनीतिज्ञ और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। वे बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अध्यक्ष हैं। उन्हें भारत की सबसे युवा महिला मुख्यमंत्री के साथ-साथ सर्वप्रथम दलित मुख्यमंत्री भी होने का श्रेय प्राप्त है। भारतीय समाज के सबसे कमजोर वर्गों-बहुजनों या अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़ा वर्ग और धार्मिक अल्पसंख्यकों के जीवन में सुधार के लिए सामाजिक बदलाव के एक मंच पर केन्द्रित हैं। उन्होंने 4 बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की लगाम संभाली। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक स्कूल अध्यापिका के तौर पर की थी, किन्तु ‘कांशीराम’ की विचारधारा और गतिविधियों से प्रभावित होकर उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया। उनका राजनैतिक इतिहास बेहद सफल रहा और सन 2003 में उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनाव हारने के बावजूद उन्होने सन 2007 में फिर से सत्ता में वापसी की। अपने समर्थको में ‘बहन जी’ के नाम से विख्यात मायावती 13 मई 2007 को चौथी बार उत्तर प्रदेश का मुख्यमन्त्री बनीं और पूरे 5 साल शासन किया। सन 2012 के चुनाव में अपनी प्रमुख प्रतिद्विन्द्वी ‘समाजवादी पार्टी’ से हार गयीं।

शुरूआती जीवन

मायावती का जन्म ‘श्रीमती सुचेता कृपलानी’ अस्पताल, नई दिल्ली में एक हिन्दू जाटव (दलित) परिवार में 15 जनवरी 1956 को हुआ था। उनके पिता का नाम ‘प्रभु दास’ तथा उनकी माता का नाम ‘रामरती’ था। उनके पिता ‘गौतम बुद्ध नगर’ जिले के ‘बदलपुर’ नामक गाँव के एक डाकघर में नौकरी करते थे, बाद में  भारतीय डाक-तार विभाग के अनुभाग प्रधान के पद नियुक्त हुए। मायावती के 2 बहनें और 6 भाई हैं। उन्होंने अपनी BA की पढ़ाई कालिंदी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से प्राप्त की। उसके बाद में उन्होंने B.ed, VMLG (Vidyavati Mukand Lal Girls) कॉलेज, गाज़ियाबाद, ‘मेरठ विश्वविद्यालय’ से किया और LLB की डिग्री भी ‘मेरठ विश्वविद्यालय’ से हासिल की। उनके पिता उन्हें ‘कलेक्टर’ बनाना चाहते थे और उन्होंने अपना बहुत सारा वक़्त IAS (Indian Administrative Service) की तैयारी में लगा दिया। इसी समय उन्होंने अध्यापिका के तौर पर काम करना प्रारंभ कर दिया।

राजनीतिक जीवन

मायावती ने सन 1984 तक अध्यापिका के रूप में कार्य किया। वे कांशीराम के कार्य और साहस से काफी प्रभावित थी। सन 1984 में जब कांशीराम ने एक नए राजनीतिक दल ‘बहुजन समाज पार्टी’ की स्थापना की तब उन्होंने अध्यापिका की नौकरी छोड़कर पार्टी की पूरे समय के लिए (पूर्णकालिक) कार्यकर्त्ता बन गयीं। उसी वर्ष उन्होंने ‘मुज्ज़फरनगर’ जिले की कैराना लोक सभा सीट से अपना पहला चुनाव अभियान शुरू किया। सन 1985 और 1987 में भी उन्होने लोक सभा चुनाव में कड़ी मेहनत की। आखिरकार सन 1989 में उनके दल ‘बहुजन समाज पार्टी’ ने 13 सीटो पर चुनाव जीता।

धीरे-धीरे पार्टी की पैठ दलितों और पिछड़े वर्ग में बढती गयी और सन 1995 में वे उत्तर प्रदेश की गठबंधन सरकार में मुख्यमंत्री बनायी गयीं। सन 2001 में पार्टी के संस्थापक कांशीराम ने मायावती को दल के अध्यक्ष के रूप में अपना उत्तराधिकारी घोषित किया। सन 2002-03 के समय में ‘भारतीय जनता पार्टी’(BJP) की गठबंधन सरकार में मायावती फिर से मुख्यमंत्री चुनी गई। इसके बाद BJP ने सरकार से अपना समर्थन वापिस ले लिया और मायावती सरकार गिर गयी। इसके बाद ‘मुलायम सिंह यादव’ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया।

सन 2007 के विधान सभा चुनाव के बाद मायावती फिर से सत्ता में वापस आई और सन 2012 तक राज्य की बागडोर संभाली। मायावती के कार्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश के बाहर बसपा का विस्तार नहीं हो पाया क्योंकी उनके निरंकुश शासन के चलते अधिकतर पिछड़े वर्ग के व्यक्तियों ने उनसे मुंह मोड़ लिया। मायावती ने अपने शासनकाल के समय ‘दलित’ एवं ‘बौद्ध’ धर्म के सम्मान में कई स्मारक स्थापित किये।

जीवन घटनाचक्र

  • मायावती का जन्म सन 1956 में नई दिल्ली में हुआ।
  • सन 1977 में अध्यापिका के रूप में करियर की शुरुआत।
  • सन 1984 में अध्यापिका की नौकरी छोड़कर बसपा में प्रवेश और अपने पहले लोक सभा चुनाव अभियान का शुरू किया।
  • सन 1989 में लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने 13 सीटों पर जीत हासिल की।
  • सन 1994 में उत्तर प्रदेश की राज्य सभा के निर्वाचित की गई।
  • 3 जून 1995 से 18 अक्टूवर 1995 तक पहली बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं।
  • 21 मार्च 1997 से 20 सितम्बर 1997 तक दूसरी बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं।
  • सन 2001 में कांशीराम की उत्तराधिकारी घोषित की गई।
  • 3 मई 2002 से 26 अगस्त 2003 तक तीसरी बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं।
  • 13 मई 2007 से 6 मार्च 2012 तक चौथी बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं।