धनतेरस हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है। कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन भगवान धन्वन्तरी का जन्म हुआ था। इसलिए इस त्यौहार को ‘धनतेरस’ या ‘धनत्रयोदशी’ के नाम से भी जाना जाता है।

धनतेरस | Dhanteras in Hindi

भारत सरकार ने धनतेरस को ‘राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। भगवान महावीर इस दिन तीसरे और चौथे ध्यान में जाने के लिये ‘योग निरोध’ के लिए चले गये थे। तीन दिन ध्यान के बाद ‘योग निरोध’ करते हुए दीपावली के दिन ‘निर्वाण’ को प्राप्त हुए। तभी से यह दिन ‘धनतेरस’ के नाम से जाना जाता है।

प्रथा

जब भगवान धन्वन्तरी प्रकट हुए थे, उस समय उनके हाथों में ‘अमृत’ से भरा कलश था। इसलिए इस दिन नये बर्तन खरीदने का भी रीती-रिवाज है। एक मान्यता के अनुसार यह माना जाता है कि धनतेरस के दिन वस्तु खरीदने से 13 गुणा लाभ होता है। इस दिन लोग धनिया के बीज खरीद कर अपने घरों में रखते हैं और दीपावली के बाद इन बीजों को अपने खेतों में या बाग- बगीचों में बोते हैं । इस दिन चांदी खरीदने का भी बहुत महत्व है।