कृष्णा नदी भारत में बहने वाली एक नदी है। यह नदी पश्चिमी घाट के पर्वत महाबलेश्वर से निकलती है। इसकी  लगभग लम्बाई 1290 किलोमीटर है और दक्षिण-पूर्व में बहती हुई बंगाल की खाड़ी में जाकर गिरती है। कृष्णा नदी की सहायक नदियों में तुंगभद्रा, घाटप्रभा, मूसी और भीमा प्रमुख नदी हैं। कृष्णा नदी के किनारे पर विजयवाड़ा शहर और मूसी नदी के किनारे हैदराबाद शहर बसा हुआ है। इसके मुहाने पर बहुत बड़ा डेल्टा है और इस नदी का डेल्टा भारत के सबसे उपजाऊ क्षेत्रों में से एक है। यह मिट्टी का कटाव करने के कारण पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुचांती है।

कृष्णा नदी दक्षिण भारत की एक महत्त्वपूर्ण नदी है, इसका उद्गम स्थल महाराष्ट्र राज्य में महाबलेश्वर के निकट  पश्चिमी घाट श्रृंखला से होता है। यह पूर्व से पश्चिम दिशा  की तरफ बहती है और फिर सामान्यत: दक्षिण-पूर्वी दिशा में सांगली से होते हुए कर्नाटक राज्य सीमा की ओर बहती है। यहाँ पहुँचकर यह नदी पूर्व की ओर मुड़ जाती है और अनियमित गति से कर्नाटक और आंध्र प्रदेश राज्य से होकर बहती है। अब यह दक्षिण-पूर्व व फिर पूर्वोत्तर दिशा की ओर मुड जाती है और इसके बाद पूर्व में विजयवाड़ा में अपने डेल्टा शीर्ष की ओर बहती है। कृष्णा नदी के पास बड़ा और बहुत उपजाऊ डेल्टा है, जो पूर्वोत्तर में गोदावरी नदी क्षेत्र की ओर आगे बढ़ता जाता है।

कृष्णा नदी में नाव नहीं चला सकते, लेकिन इससे सिंचाई के लिए पानी तो मिलता ही है, विजयवाड़ा स्थित एक बांध डेल्टा में एक नहर प्रणाली की सहायता से पानी के बहाव को नियंत्रित करता है। मानसूनी वर्षा होने के कारण नदी के जलस्तर में वर्ष भर काफ़ी उतार-चढ़ाव आता रहता है, जिससे सिंचाई के लिए इसकी उपयोगिता सीमित ही है।                                                                                                                                                            कृष्णा नदी घाटी परियोजना से यह उम्मीद की जाती है कि इससे राज्य को सिंचाई के लिए अधिक पानी मिल सकेगा। कृष्णा नदी को दो सबसे बड़ी सहायक नदियाँ भीमा और तुंगभद्रा हैं। भीमा नदी पर ‘उजैनी बांध’ और तुंगभद्रा नदी पर ‘हौसपेट’ में बने एक अन्य बांध से सिंचाई के पानी में वृद्धि हुई है। हौसपेट से विद्युत ऊर्जा की आपूर्ति भी होती है।

कृष्णा नदी का ‘श्रीमद्भागवत गीता’ में वर्णन किया गया है, कावेरी, वेणी, पयस्विनी, शर्करावती, तुंगभद्रा, कृष्णा, वेण्या, भीमरथी ये सभी नदियाँ बंगाल की खाड़ी में मसुलीपट्म के पास गिरती हैं। कृष्णा नदी और वेणी नदी के संगम पर माहुली नाम का एक प्राचीन तीर्थ स्थल है। शास्त्रों में कृष्णा नदी को भगवान विष्णु के अंश से उत्पन्न माना गया है। महाभारत सभापर्व में कृष्णा नदी को ‘कृष्णवेणा’ कहा गया है।