जम्मू कश्मीर में 12 दिनों से आतंकवाद से लगातार मुठभेड़ जारी है। आज यानी गुरुवार की सुबह सेना के सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने गोलीबारी शुरू की, जिसके बाद घाटी में तीन जगहों पर सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ लगातार जारी है। मिडिया अनुसार इस मुठभेड़ में सेना ने एक आतंकी को मार गिराया है, वहीं अनंतनाग मुठभेड़ में एक जवान शहीद हो गया है। बडगाम में मुठभेड़ अभी-भी जारी है। सुरक्षाबलों का कहना है कि अनंतनाग के गाजीगुंड में आसिफ मलिक नाम के एक आतंकवादी को ढेर कर दिया है, साथ ही नूरबाग मुठभेड़ में भी सेना ने एक संदिग्ध को मार गिराया है। अभी-भी वही इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।

बुधवार को सुरक्षाबलों को सूचना मिली कि आतंकी घाटी में कई जगह छिपे हुए हैं। इसके बाद सेना ने जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन चलाया। इसी बीच तीन जगहों पर आतंकियों ने सेना पर गोलीबारी शुरू की, जिसके बाद घाटी में अनंतनाग के गाजीगुंड में, श्रीनगर के नूरबाग में और बडगाम के पानजन में मुठभेड़ शुरू हुआ। फिलहाल गाजीगुंड में फायरिंग रुक गई है और सर्च ऑपरेशन जारी है। बता दें कि एनकाउंटर से पहले सुरक्षाबलों ने श्रीनगर के नूरबाग इलाके की घेराबंदी की लेकिन एक आतंकी यहां से भागने में कामयाब रहा।

सर्च ऑपरेशन में 12 दिनों में 18 आतंकी को मार गिराया

सेना के मेजर सतीश दहिया ने बताया की हत्या के लिए जिम्मेदार लश्कर-ए-तैयबा के एक शीर्ष कमांडर अबू माज सहित दो आतंकवादियों को सेना ने एक संयुक्त अभियान में बुधवार तड़के उत्तर कश्मीर के सोपोर कस्बे में एक मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस ने बताया कि इसके साथ कश्मीर में पिछले 12 दिनों में 18 आतंकी मारे गए हैं। अबु माज 2015 से सक्रिय था और वह अब्दुल मजीद उर्फ समीर के साथ मारा गया। समीर सोपोर के बोमई इलाके का रहने वाला था। पुलिस ने ब्यौरा देते हुए कहा- कि सोपोर के तुज्जर के नौपोरा इलाके में आतंकियों के होने की पक्की खुफिया सूचना मिली थी, जिसके बाद अर्द्धसैनिक बलों और सेना ने मंगलवार और बुधवार की मध्यरात्रि को एक संयुक्त तलाशी अभियान चलाया।

पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘तलाशी के दौरान छिपे हुए आतंकियों ने तलाशी दल पर गोलीबारी की। दल ने उसका जवाब दिया जिसके साथ मुठभेड़ शुरू हो गया। मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए।’ उन्होंने कहा, ‘बरामद सामग्री के आधार पर मारे गए आतंकवादियों में से एक की पहचान पाकिस्तानी मूल के अबू माज के रूप में की गई जो, उत्तर कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर के रूप में काम कर रहा था।’ प्रवक्ता ने बताया कि माज सुरक्षा बलों पर किए गए हमलों और आम नागरिकों की हत्याओं में शामिल था। वह उत्तर कश्मीर खासकर सोपोर और हंदवारा में सक्रिय था। वह पिछले साल फरवरी में हंदवारा में सेना के एक काफिले पर हुए हमले का मास्टरमाइंड था। हमले में 31 साल के दहिया की मौत हो गयी थी। उस मुठभेड़ में तीन आतंकी भी ढेर हुए अबु साद, अबु मविया और अबु दरडा मारे गए थे लेकिन अबू माज सेना के मेजर पर गोलियां चलाने के बाद पीठ दिखाकर भागने में सफल हुआ। तब से वह उत्तर कश्मीर में सबसे वांछित आतंकियों में शामिल था।