उम्र कम हो या ज्यादा शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए हर उम्र के लोगों को सही पोषण की जरूरत होती है। सही खानपान से कई बीमारियों से बचाव होता है। लेकिन आधुनिक जीवन-शैली के चलते कई लोगों की खाने की आदतें प्रभावित हो रही हैं, जिससे लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ता जा रहा है। तो आइए हम बता दें 20, 30 और 40 की उम्र में सेहतमंद रहने के लिए आपको किन न्यूट्रिएंट्स की जरूरत होती है और किस उम्र में आपको क्या खाना चाहिए?

20 साल की उम्र में ऐसा हो आहार

20 साल की उम्र में हर व्यक्ति के जीवन में वो समय होता है, जब वो अपने जीवन के नए दौर में कदम रख रहा होता है। अक्सर 20 साल की उम्र में लोगों को जॉब, शादी, फैमिली, लव लाइफ सहित कई तरह की चीजों का प्रेशर भी होता है। इन सब चीजों का सामना करने के लिए व्यक्ति को अच्छी सेहत की जरूरत होती है और अच्छी सेहत के लिए अच्छे खान-पान की भी जरूरत होती है। ब्राउन यूनिवर्सिटी की एक स्टडी के मुताबिक, टीनेजर्स के मुकाबले 20 साल की उम्र में लोग 25 फीसदी ज्यादा फास्ट फूड खाते हैं। इससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है।

20 साल की उम्र में फिट रहने के लिए क्या खाना चाहिए

प्रोटीन: एक हालिया स्टडी की रिपोर्ट में बताया गया है कि शरीर को एक दिन में लगभग 60 से 70 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। प्रोटीन शरीर के विकास और सेहतमंद रखने के लिए बेहद जरूरी होता है। हेल्थ एक्सपर्ट 20 साल की उम्र के लोगों को ज्यादा से ज्यादा व्हाइट मीट, अंडा, बींस, दूध का सेवन करने की सलाह देते हैं।

पोटेशियम: दिल और मांसपेशियों के सही तरह से काम करने के लिए पोटेशियम बेहद जरूरी होता है। लेकिन अधकितर 20 साल की उम्र की महिलाओं में पोटेशियम की कमी देखी जाती है। इसके लिए रोजाना अपने खाने में फल और हरी सब्जियों का प्रयोग करें।

ओमेगा: ये दिमाग में पाए जाने वाले केमिकल सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ाता है। सेरोटोनिन केमिकल हमें अच्छा महसूस कराने का काम करता है। ये हमारे दिमाग को खुशहाल कर हमें डिप्रेशन से बचाव करता है।

क्या खाएं 20 साल की उम्र में

20 साल की उम्र एक बेहद खुशहाल जीवन वाली उम्र होती है। इस उम्र में फिट रहने के लिये बादाम, अखरोट और किशमिश का अधिक सेवन करें। 6 सूखी खुबानी, 2 चम्मच सूरजमुखी के बीज के साथ खाएं। कच्ची गाजर का अधिक सेवन करें एवम् दूध, दही, पनीर भी अपनी डाइट में शामिल करें।

ये पोषक न्यूट्रिएंट्स जरूरी हैं 30 साल की उम्र में

जीवन के मीडियम 30 साल की उम्र के अधिकतर लोग जॉब, फैमिली की जिम्मेदारियों में इतने उलझे रहते हैं कि वो अपनी सेहत पर ध्यान ही नहीं दे पाते हैं। ऐसा करने से लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है और शरीर में धीरे-धीरे कमजोरी बढ़ने लगती है। ज्यादातर लोग जल्दी थकान महसूस होने लगते हैं। इससे बचने के लिए 30 की उम्र में इन न्यूट्रिएंट्स को अपनी डाइट में रखना जरूरी है।

फोलेट: डाइट में फोलेट शामिल करने से दिल की बीमारी का खतरा कम हो जाता है और इस में पालक, ब्रोकली, अवोकेडो, संतरा, साबुत अनाज का सेवन करना फायदेमंद होता है।

आयरन: एक स्टडी की रिपोर्ट में बताया गया है कि जिन महिलाओं में आयरन की कमी पाई जाती है, उनमें ज्ञान संबंधी कार्य करने की क्षमता बेहद कम हो जाती है। बींस, आलू, पालक, अनाज आदि चीजों में आयरन पाया जाता है।

40 साल की उम्र में इन पोषक न्यूट्रिएंट्स की होती है जरूरत

स्वास्थ्य और हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि 40 की उम्र में लोग अपनी सेहत पर अधिक ध्यान देने लगते हैं। ये उम्र का वो समय होता है, जब लोग खुद को स्वस्थ रखने की कोशिश करते हैं क्योंकि इस उम्र में ज्यादातर लोग शरीर में अधिक कमजोरी महसूस करने लगते है।

40 की उम्र में शरीर को सबसे ज्यादा किन न्यूट्रिएंट्स की है अधिक जरूरत

कैल्शियम: 40 की उम्र में महिलाओं में ‘एस्ट्रोजन हार्मोन’ का स्तर कम हो जाता है। इस उम्र के लोगों की हड्डियां कमजोर पड़ने लगती हैं। जिस वजह से 40 से अधिक उम्र के लोगों को कैल्शियम की अधिक जरूरत होती है। इस उम्र में ब्रोकोली, संतरा, हरी पत्तेदार सब्जियां, दूध का अधिक सेवन करें, क्योंकि इन चीजों में कैल्शियम की मात्रा अधिक पाई जाती है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार खाने को पचाने के लिए पेट को जितने एसिड की जरूरत होती है, 40 साल की उम्र में वो उतना नहीं बन पाता है, जिस वजह से 40 साल के लोगों को खाई गई चीजों में से कैल्शियम कम मात्रा में मिलता है।

विटामिन डी: हड्डियों को मजबूत रखने के साथ-साथ ‘इम्यून सिस्टम’ को भी मजबूत बनाता है। इसके अलावा ये ब्रेस्ट और कोलोन कैंसर से भी सुरक्षित रखता है। लेकिन 40 की उम्र तक पहुंचते ही शरीर में विटामिन डी की कमी होने लगती है। इसलिए 40 साल की उम्र होने पर ज्यादा से ज्यादा ऐसी चीजों का सेवन करना जरूरत है जिसमें भरपूर मात्रा में विटामिन डी मौजूद रहता है।

फाइबर: फाइबर कोलोन कैंसर से बचाव करता है। इससे ‘कोलेस्ट्रोल’ भी कम होता है। ऐसी चीजों का सेवन करें, जिससे शरीर को ‘सोल्युबल’ और ‘इंसोल्युबल फाइबर’ दोनों ही प्रयाप्त मात्रा में मिल सके। जैसे – फल, सब्जियां, बार्ले, ओट्स, अनाज आदि।